Sunday, March 16, 2008

जेल की दहलीज पर थलसेना अध्यक्ष


आलोक तोमर
भारतीय सेना अपने इतिहास के सबसे बड़े संकट में फंस गई है। सेना अध्यक्ष जनरल दीपक कपूर के खिलाफ आर्थिक अनिमियताओं के मामले में रक्षा मंत्रालय ने जांच बैठा दी है और रक्षामंत्री ए के एंटनी ने श्री कपूर को अनौपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है कि जांच होने तक वे अगर चाहे तो अवकाश पर जा सकते हैं।इसका दूसरा अर्थ यह है कि सेना अध्यक्ष कुर्सी छोड़ दे । आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि सेना के तीनों अंगो के किसी भी एक मुखिया को अवकाश पर जाने के लिए कहा गया हो। उनके अवकाश पर रहने पर उनके उत्तराधिकारी कोई और जनरल बनेंगे और सेना में असली कमान सेना अध्यक्ष के ही हाथ में होती है। दीपक कपूर को जल्दी ही हटना पड़ सकता है और उनके खिलाफ सेना की जांच में अगर सीएजी के आरोपों की पुष्टि हुई तो उनका कोर्ट मार्शल भी हो सकता है और उनसे जनरल की पदवीं और सारे पदक छीने जा सकते हैं।सीएजी की ऑडिट रिर्पोट में आरोप है कि जनरल कपूर ने पांच और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर घास और झाड़िया काटने के उपकरण खरीदने के नाम पर लाखों रूपए की हेराफेरा की ।यह तब की बात है जब वे जम्मू कश्मीर में सेना की उत्तरी कमान के मुखिया थे। इसके अलावा श्री कपूर पर एक ऐसे ब्रिगेडियर को संरक्षण देने का भी आरोप है जो कारगिल इलाके में डीजल और मिट्टी का तेल निजी व्यापारियों को तस्करी के जरिए बेचा करता था इसी ब्रिगेडियर ने चार्जशीट मिलने पर जनरल कपूर का नाम लिया था। जनरल कपूर पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कपूरथला सैनिक स्कूल के प्रशासक रहने के दौरान उसकी इमारत के रखरखाव के लिए पैसा तो मंजूर करवा लिया लेकिन इमारत जर्जर हालत में है। पंजाब सरकार ने यह इमारत अब वापस मांगी है।चूंकि यह अभूतपूर्व मामला है इसलिए रक्षा मंत्रालय अभी तक यह तय नहीं कर पाया कि सेना अध्यक्ष का कोर्ट मार्शल कैसे किया जाए। नियमानुसार सेना के किसी भी अधिकारी पर मुकदमा उसके वरिष्ठ अधिकारी ही चला सकते हैं। इसका दूसरा विकल्प यह है कि मामला सिविल अदालत को सौंप दिया जाए और इसका सीधा मतलब यह है कि एफआईआर दर्ज होते ही जनरल कपूर को हिरासत में लिया जाएगा और फिर तब तक वह कैद में रहेंगे जब तक उन्हें जमानत नहीं मिल जाती। रक्षामंत्री एंटनी को इस मामले में संसदीय समिति से जांच करवाने का सुझाव दिया गया था लेकिन उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया।

1 comment:

prashant said...

hamesa kee tarah bahut badhiaa lekh